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Tuesday, January 29, 2013

सईद की बात और शाहरुख का रोना!

पता नहीं हाफिज सईद ने क्या सोचकर शाहरुख खान को पाकिस्तान में बसने का बुलावा दे डाला। क्या सईद को पता नहीं है कि पाकिस्तान में जिंदगी नाम की कोई चीज नहीं है। आए दिन वहां जाने कितने लोग आतंकी हमलों और साजिशों की भेंट चढ़ जाते हैं। 1947 से ही खुद अमन और शांति की तलाश में भटक रहे पाकिस्तान का एक सिरफिरा आतंकी आज हमारे देश के एक नामचीन सितारे को वहां बसने की सलाह देने की जुर्रत कर रहा है। हाफिज सईद कह रहा है कि शाहरुख खान को पाकिस्तान में इज्जत मिलेगी, मगर शायद सईद यह भूल रहा है कि पाकिस्तान की शोहरत तो मौत बांटने वाले मुल्क की रही है। वह भला किसी को इज्जत और हौसलाआफजाई क्या देगा।

यह भी गौर करने वाली बात है कि पाकिस्तान के तमाम कलाकार भारत में रोजी-रोटी की तलाश कर रहे हैं। चाहे वह राहत फतेह अली खान हों, वीना मलिक हों या आतिफ असलम। इनके अलावा भी बहुत से नाम पाकिस्तान से इज्जत, दौलत और शोहरत कमाने की हसरत लिए भारत की सरजमीं पर कदम रखते हैं। ऐसे में खुद अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान के हालात किस कदर बेहाल होंगे। जब खुद उनके कलाकार वहां पर रुकने के लिए तैयार नहीं हैं तो भला वह शाहरुख को क्या इज्जत बख्श पाएंगे।

इज्जत तो छोड़ि़ए पाकिस्तान की इतनी भी हैसियत नहीं है कि वह शाहरुख खान जैसे सितारे को जरूरी सुरक्षा भी मुहैया करा पाए। जहां तक शाहरुख खान की बात है तो वह पिछले लंबे समय से भारत में सक्रिय हैं। एक टीवी एक्टर से लेकर उन्होंने बॉलीवुड का किंग खान बनने तक का सफर तय किया है। जो इज्जत, शोहरत और दौलत भारत ने शाहरुख को बख्शी है, बहुत लोगों को इसपर रश्क हो सकता है। इसके बावजूद अगर शाहरुख को लगता है कि भारत में उन्हें मुसलमान होने के चलते निशाना बनाया जाता है तो इसे शाहरुख की नादानी ही कहा जाएगा।

आखिर इसी मुल्क में दिलीप कुमार से लेकर मधुबाला, आमिर खान, सलमान खान, इरफान खान और न जाने कितने मुसलमान फिल्मी सितारे और क्रिकेटर हुए हैं। इन सभी को भारत ने शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचाया। कभी किसी ने शिकायत नहीं कि मुसलमान होने के नाते उनपर कभी तंज किया गया। बहरहाल शाहरुख के तमाम मुरीद तो यही चाहेंगे कि वह भारत को ही आबाद करें।

( न्यूज़ टुडे में प्रकाशित)

3 comments:

  1. भुट्टो को फाँसी मिली, बेनजीर का क़त्ल |
    ख्वाहिश तेरी गर दिली, नहीं लगाओ अक्ल |
    नहीं लगाओ अक्ल, शक्ल के बड़े पुजारी |
    जाय बसों तुम पाक, भरे हैं वहाँ फरारी |
    कुछ दिन लोगे झेल, किन्तु जब समझो पूरा |
    आ जाना इस देश, काम मत छोड़ अधूरा ||

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  2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

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  3. गौरी छिब्बर खान, किरण जस गोली दागा-


    रहम करो रहमान पर, रब का बन्दा नेक ।
    बादशाह की रोटियां, रहा आग पर सेंक ।
    रहा आग पर सेंक, बिचारा बड़ा अभागा ।
    गौरी छिब्बर खान, किरण जस गोली दागा ।
    सौ करोड़ का प्यार, कलंकित आज करे है ।
    हाफिज तो मक्कार, हिफाजत के नखरे हैं ।।

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