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Saturday, December 15, 2012

हम दोनों आधा—आधा

हम दोनों एक दूसरे के
हैं आधा—आधा
तन्हाइयां तक्सीम, दर्द भी आधा—आधा
जिस्म के हिस्से तमाम, बांटे हुए आधा—आधा
नींद आधी—आधी हमारी आंखों में
रात ढलने का इंतजार आधा—आधा
प्यार के लम्हे आधा—आधा
रुसवाइयों का हिसाब आधा—आधा
जो डायरी पर लिख रहे थे कविता तुम
हर्फ उसका भी रह गया है आधा—आधा
मेरी आंखों में पलते ख्वाब तेरे
टूट जाते हैं अक्सर आधा—आधा
मुदृतों की चादर में ​बिखरी ये मोहब्बत अपनी
कभी लम्हों में सिमट कर आएगी
या रह जाएगी आधा—आधा!

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