संकलक

Hindi Blogs Directory

Saturday, November 17, 2012

छल भरे सपने

कुछ छल भरे सपने
मेरी पलकों में आ जाते हैं
जिंदगी जीने की सच्‍ची-झूठी उम्‍मीद दे जाते हैं
मैं कई बार हैरान होता हूं
अपनी महत्‍वाकांक्षाओं पर
सफर के साथी जब छूटते नजर आते हैं
मुश्किलें, तन्‍हाइयां, बेचारगी, मजबूरियां
जिंदगी के इम्तिहान से मिले सबक जैसे याद आते हैं

No comments:

Post a Comment